Qayamat ki Nishaniyan in Hindi - क़यामत की निशानियां
As Salmulaikum brothers and Sisters
कयामत की कुछ निशानियां के बारे में हम इस पोस्ट मैं लिखेंगे और आपको इस पोस्ट में कुछ पूरा पड़ना होगा आप को कयामत की कुछ निशानियों के बारे में आप आप को कुछ पता चल जायेगा के कयामत कैसे आएगी इसमें हम कुछ कयामत की निशानियां लिखेंगे छोटी और बड़ी निशानियां
क़यामत की निशानियां
आप सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने हमें आखिरत
के अहवाल हाल हश्र, हिसाब जहन्नम, जन्नत, वगैरह r आगाह फरमाया !
आप सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने हमें वहां बदबख़्ती से बचने और नेक सख़्ती हासिल करने के अस्वाब से भी मतलह फरमाया है तथा साथ ही हमें छोटी और बड़ी कयामत की निशानियां से आगाह फरमाया है ?
क़यामत की निशानी
हजरत अनस रजि. से रिवायत है कि रसूल अल्लाह ने फरमाया कि क़यामत की निशानियां में से यह भी है कि कुरआन व हदीस का इल्म उठा लिया जाएगा और जहालत बढ़ जाएगी ज़िना ज्यादा होने लगेगा और लोग शराब ज्यादा पीने लगेंगे मर्द कम हो जाएंगे और औरतों की तादाद ज्यादा हो जाएगी हालत ये हो जाएंगी कि 50 50 औरतों को संभालने खबर लेने वाला एक मर्द होगा
( सही बुखारी 5231)
कयामत की निशानियों की दो किस्में
जो आप सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम की वफात से
और इमाम मेहंदी तक वजूद में आई है वह ये है "
कयामत की छोटी निशानियां
(1). हजरत अली रजि अल्लाह ताला अनु का बयान है
, हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया
जब हुक्कमे मालिक की जमीन के महसूल को अपनी जाति दौलत बना लेंगे यानी उसे अहकामे शरीयत के मुताबिक ना करेंगे !
लोग अमानत को माल गनीमत की तरह अपने ऊपर हलाल समझेंगे
और शौहर अपनी बीवी की हर नाजाएज बात मानेगे और माँ बाप की नाफरमानी करेंगे 😭😭
और इल्म दीन सिर्फ दुनिया की गरज से सीखेंगे 😭😭 हर क़ौम में ऐसे लोग सरदार बन जाएंगे जो उनमें से
सबसे ज्यादा कमीने, बद अखलाक और लालची होगे
क़यामत और उसकी निशानियां Qayamat Or Uski Nishaniyan
(2), शराब पीना आम हो जायेगा 🥂
(3) और नाच गाने और लहो व लहब आम हो जायेंगे! 🎶🦹
( 4) ज़ीनाकारी की कसरत होगी
(5) इन्तेजामात ना-लायक लोगों के सुपुर्द कर दिए जायेंगे
(6) अल्लाह के नाफरमानो की इज्ज़त सिर्फ उनके खौफ की वजह से की जाएगी
(7) उम्मत के पछले लोग पहलों पर लानत करेंगे
(8) मस्जिद में खेल खुद और दुनिया ही बातें की जाएगी
(9) मिलते वक़्त सलाम के सुन्नत अमल की जगह गाली गलौज होगी
(10) झूठ को एक फन की हैसियत हासिल होगी और सच्चे को झूठा समझा जाएगा और झूठे को सच्चा समझा जाएगा
(11) शर्म व हया जाती रहेगी शर्म दुनिया से खत्म हो जाएगी
(12) चरों तरफ कुफ्फार, मुसलमानों पर टूट पड़ेंगे
और मुसलमानों के दिल में बुजदिली होगी
क्योंकि मुसलमानों मौत का डर दौलत से मोहब्बत होगी,
और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया
ए अली जब यह सब काम शुरू हो जाए तो उस वक्त सुर्ख आंधी और अज़ाब की दूसरी निशानियों का इंतज़ार करों अज़ाबे इलाही जैसे - ज़मीन मै जलजला आना, भूकंप, का आना, ज़मीन का धसना, आसमान से बारिश शक्लो की तब्दीली वगैरह,
कयामत की बड़ी निशानियां
इमाम मेहंदी अलैहिस्सलाम के जाहिर होने से इसरफील अलैहिस्सलाम के सूर फुकने तक
जाहिर होंगी, तथा क़यामत का आगाज़ उन ही वाकियात के बाद होग़ा * 😭😭😭
(1) हज़रत इसा (अलैहिस्सलाम) का असमान से नाजिल होना
हज़रत इसा (अलैहिस्सलाम), क़यामत के नजदीक दो फरिश्तों के काँधे पर हाथ रखे हुए दमिस्क के जामा मस्जिद के मीनार पर उतरेंगे
ऒर दज्जाल के फितने व फरेब को खत्म करेंगे और उसका कत्ल करेंगे |
(2) अलामाते इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम
बड़ी निशानियों में से सबसे पहले हाज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम का तशरीफ़ लाना होगा, ये मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चहिते नवासे, हसनैन (रज़ी०) के खानदान से होंगे
जो मदीना शहर से होंगे,
(3) दज्जाल का निकलना
दज्जाल सबसे बड़ा फितना होता है
दज्जाल यहूदियों का मसीहा होगा
दज्जाल का निकलना, मुसलमानों के लिए बड़ी अजमाइश होगी, दज्जाल खुद ख़ुदा होने का दवा करेगा और अल्लाह के हुक्म से नामुमकिन काम को मुमकिन बना देगा, और पुरी दुनिया में फसाद मचाएगा और दज्जाल पूरी दुनिया में घूमेगा
लोगों को गुमराह करेगा, जो सच्चाई मान वाले होंगे
वह कभी गुमराह नहीं होगी , दज्जाल पूरी दुनिया में घूमेगा लेकिन मक्का और मदीना में नहीं घुसेगा
क्योंकि मक्का और मदीना फरिश्ते फेरा लगा रहे होंगे
दज्जाल यहूदियों का साथ देगा
(4) बात करने वाला जानवर का निकालना
दुसरे दिन इसी (सूरज के ) ताजकिरह में होंगे के कोहे सफा जो काबा के मशरिकी जानिब है, वह ज़लज़ला से फट जायेगा और एक जानवर बरामद होगा
शक्ल के लिहाज से वो जानवर इस तरह होगा के
चेहरा आदमी जैसा होगा
हाथ बन्दर की तरह होंगे
पांव ऊंट जैसा होगे
सिंघों में बारा सिंघा जैसा होंगे
गर्दन घोड़े की तरह होंगी
दुम बैल की तरह सर हिरन की तरह होंगी
वह जानवर लोगों से बातें करेगा, एक हाथ में हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का असा होग़ा और दुसरे में हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम अंगूठी होगी, और तमाम शहरों का दौरा करेगा, अगर कोई ईमान वाला मिलेगा तो हाज़रत मूसाअलैहिस्सलाम के असा से उस के पेशानी पर एक नुरानी लकीर बना देगा, और जिससे उसका चेहरा रोशन हो जायेगा और अगर कोई काफ़िर मिला तो उसको हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम के अंगूठी से उसके नाक और गर्दन पे सियाह मुहर लगा देगा |
(5) सूरज का पश्चिम से निकलना
एक रिवायत में है के जब सूरज अपने मामूर में मुताबिक मशरिक (पूरब) से निकलकर मगरिब (पश्चिम) में गुरुब होने की अल्लाह से इज़ाज़त तलब करेगा तो अल्लाह तआला के तरफ से इज़ाज़त नही दी जाएगी और सुरज को हुक्म होगा के वापस लौट जा चुनांचे सूरज वापस मगरिब से निकलेगा, लोग सुबह देखेंगे तो ये कहेंगे अभी रात बाकी है तो वह फिर सो जायेगा, एसा दो दिनों तक चलेगा |
सूरज के मगरिब से निकलने के बाद तौबा का दरवाज़ा बंद हो जायेगा और तौबा कबूल नही होगी |
(6) याजूज माजूज का निकलना
दज्जाल के फितने के बाद एक और फितना बरपा होगा यानि याजूज और माजूज का निकलना होगा, वो इतनी तादाद में होंगे के समंदर का सारा पानी पी कर खुश्क कर देंगे, फिर हज़रत इसा (अ०स०) उनके लिए बद्दुआ करेंगे जिससे अल्लाह रब्बुल इज्ज़त तमाम याजूज की कौम को एक कीड़े से हलाक कर देगा |
(7) धुंवा का अज़ाब
सहीह मुस्लिम की हदीस में है के क़यामत के करीब एक धुंवा नमूदार होगा जो ज़मीन पर छा जायेगा और इससे लोग तंग हो जायेंगे,धुंवे की वजह से मुसलमान तो सिर्फ नजला वगैरह में मुब्तला होंगे मगर मुनाफिकीन व कुफ्फर एसे बेहोश होंगे के बाज़ एक दिन बाज़ दो दिन और बाज़ तीन दिनों होश में आएंगे |
ये धुंवा 40 दिन तक मुसलसल रहेगा फिर साफ़ हो जायेगा
लोगों पर ऐसा ज़माना आएगा कि सच्चों को झूठा और झूठों को सच्चा कहा जाएगा, बगैर तलब किए लोग गवाहियां देंगे और बगैर हलफ़ उठवाए हलफ उठाएंगे और कमीने बाप दादा की औलाद दुनियावी ऐतिबार से सबसे ज़्यादा खुशनसीब बन जाएगी, जिनका न अल्लाह पर ईमान होगा न रसूल स० पर
एक बार दुरु शरीफ जरूर पढ़ना
प्यारे नबी सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम पर
♥️ Dil se darood Sharif padhe aur Allah se
Apne gunahon ki mafi mangte Raha karo
اللهم صل على محمد وعلى ال محمد كما صليت على ابراهيم وعلى ال ابراهيم انك حميد مجيد
اللهم بارك على محمد وعلى ال محمد كما باركت على ابراهيم وعلى ال ابراهيم انك حميد مجيد
या अल्लाह हमें नेक अमल करने की तौफीक अता फरमा
और हम सब पर जहन्नुम की आग हराम फरमा जो इस दुनिया से जा चुके हैं उन सब की मगफिरत अता फरमा
और जब तक हम इस दुनिया में रहे ईमान पर कायम रखना
हमें शैतान से महफूज रखना और हमें सच्चाई के रास्ते पर हमेशा चलने की तौफीक अता फरमा 😭
या अल्लाह जो भी यह पोस्ट पढ़े उसे नेक अमल करने की तौफीक अता फरमा और उसकी जायज तमन्नाओं कबूल अता फरमा
या अल्लाह मुझे भी नेक अमल करने की तौफीक अता फरमा और मेरे वालिद को जन्नत ए फिरदोस में आला से आला मक़ाम अता फरमा 😭😭
या अल्लाह कयामत दिन से हम सब मुसलमानो को बचा यह दुआ कुबूल अता फरमा
अमीन
😭😭😭😭😭
1 Comments
😂😂😂
ReplyDelete