हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की पैदाइश
अल्लाह ने जिन्नो और इंसानों को सिर्फ अपनी अपनी इबादत के लिए अदा किया था।
उधेर आदम अलहसलाम को अल्लाह ताला ने बेहतरी जन्नत का छुटकारा पाया था...जहाँ चाहे घूमते जो चाहते खाते...लेकिन वो खुद को अकेले महसूस कर रहे थे...एक दिन वो सो रहे थे तो अल्लाह तआला ने उनकी बाँयी पस्ली यानि रिब से हुव्वा अलेहसलाम को अदा किया जो कि बहुत ज्यादा खूबसूरत पतली.जब सो कर उठे तो उन्हें देखा तो पूछा तुम कोन हो उनको कहा कि अल्लाह ने मुझे तुम्हारे लिए अदा किया है ताकि तुम मुझसे सुकून हासिल कर सके...
वो दोनो खुशी से जन्नत में रह रहे थे.. अल्लाह ताला ने कहा जहां जाना है जाओ जो खाना है खाओ …….बस एक दरख्त /पेड़ का फल खाने के लिए मन किया कि अगर खा लोग तो ज़ालिमून में से हो जाओगे ………..इब्लीस तुम और तुम्हारी बीवी का दुश्मन है कहीं ऐसा ना हो कि वो तुम्हें जन्नत से निकलवा दे। ..और तुम मुसिबत मैं पढ़ूं..
इब्लीस को चीन नहीं था उसके दिलों में वसवास डालना शुरू कर दिया....की उस पेड़ के फल खा लो जिसके लिए अल्लाह ने उन्हें मना किया था कहा कि तुम खा लोगे तो हमेशा हमेशा के लिए जन्नत में राह पाओगे फरिश्तून की तरह...
धरती पर सबसे पहले कौन आया
एक दिन दोनो उसके वाससे में आ गए और वो फल तोड़ कर खा लिया..
जैसे ही उन्हें फल खाया तो सबसे पहले उनके कपड़ उतर गए वो दोनो श्रम से इधर-उधर भगने लगे जन्नत के पेड़ के पत्ते खुद पर चिपकने लगे। …उन्हे एहसास हो गया था कि हमसे अल्लाह की न- फरमानी हुई है..
अब अल्लाह तआला ने आवाज़ दी……क्या मैंने तुम्हें मना नहीं किया था क्या नहीं बताया था कि शैतान तुम्हारा खुला दुश्मन है….. ….
आदम अलेहसलाम बहुत ज्यादा शर्मिंदा हुए….
अब अल्लाह ने उन्हें जन्नत से उतर जाने का हुकुम दिया और कहा तुम एक दूसरे के दुश्मन होंगे...इंसान और शैतान। ..तुम्हे एक वक़्त तक दुनिया में रहना होगा और फ़ायदे उठाने होंगे। ..वहीं जिंदगी बसर वही मरोगे और वहीं से उठाएंगे… जब तुम को मेरी हिदायत पाहुंचे तो जो उसे मनेगा हमें कयामत के दिन ना कोई गम होगा ना कोई डर होगा जहन्नम का।
लेकिन जो नहीं मनेगा हिदायत को झुटलेगा वो सब आग में जाएंगे और उसी में रहेंगे। ..
कहा जाता है कि आदम अलहसलाम को हिंद मैं और हुव्वा अलहसलाम को जेद्दा मैं उतारा अल्लाहु आलम इसकी अलग अलग रिवायत मिलती है.. वो बहुत शर्मिंदा अपनी गलती पर तौबा की तो अल्लाह ने उन्हें कुछ कलमात सिखाए उसे उसे जब पढ़ा तो अल्लाह ने उन्हें मौफ किया और अराफात के मैदान में वो मिले ये रिवाज भी यकीन नहीं अल्लाहु आलम …… फिर दुनिया शुरू हुई …
वो कलामत द…।
रब्बाना ज़लमना अनफुसाना ……………
हुव्वा आलेहसलाम ने 20 विलादत मैं 40 बांचो को पैदा किया उन्हीं से दुनिया आगे बढ़ी..हर बार जुडवा बांचे पैदा होते थे एक लड़का और लड़की...जो एक साथ पाया होता उनकी शादी नहीं हो सकती थी जो अलग अलग पैदा होती उनकी शादी हो सकती थी…
आदम अलेहसलाम ने अपनी औलाद को वो सब सिखाया जो अल्लाह ने उन्हें सिखाया था..
सब एक अल्लाह की इबादत करते थे...खैती करते और जनवरून को पलटते। .
इसी पर अल्लाह ने कुरान में कहा..
ए लोगन अपने रब से डरो जिसने तुमको एक ही जान से पैदा किया …..
आदम अलेहसलाम के बेटों में से दो बेटे द कबील और हबील…।
कबील के साथ जो बेटी हुई थी वो बहुत खूबसूरत थी लेकिन हबील के साथ जो अदा हुई थी वो खूबसूरत नहीं थी....कबील ने आदम अलहसलाम से कहा कि वो अपनी जुड़वा बहन से शादी करेगा आदम अलेहसलाम ने मना कर दिया क्योंकी अल्लाह ने इसकी इज्जत नहीं दी थी...कबील अपने नेचर में भी बहुत ताकत था...वो खती करता था उधेर हबील बहोत नरम द वो बकरीयां संभलते द...
आदम अलेहसलाम ने कहा तुम दोनो अपनी क़ुर्बानी अल्लाह के सामने पेश करो जिस क़ुर्बानी अल्लाह ताला क़ुबूल कर लेंगे वो सही होगा.उस ज़माने में जब अल्लाह के लिए क़ुर्बानी पेश की जाति तो एक आग आती है जिस क़ुर्बानी वो आग खा लेती उसकी क़ुर्बानी क़ुबूल हो जाति थी..हबील ने सबसे अच्छा जानवर कुर्बानी के लिए और कबील ने सबसे खराब फसल का हिस्सा…आग आए और हबील की कुर्बानी को खा लिया…,,,,
इस पर कबील बहुत गुस्सा हुआ और दिन मोका देख कर उससे कहा की मैं तुम्हें खतम कर दोंगा..इस पर हबील ने कहा मैं तुम पर हाथ नहीं उठाऊंगा...इस पर कबील ने हबील के सर पर बड़ा सा पथ्थर मारा और वो मर गया....अब कबील को समझ नहीं आया कि हबील की लाश का क्या करे क्यों कि अभी तक कोई मारा नहीं था। ..अल्लाह ताला ने दो कुवे कौवे को भेजा अनहोन भी ऐसी ही लड़ाई की और एक ने दोसरे को मार डाला।
आदम अलेहसलाम को जब हबील के क़ातल के नंगे मैं पता चला तो बहुत तकलीफ़ हुई अल्लाह ताला ने शीश अलेहसलाम को उनके बाद नबी बनाया जो उनके ही बेटे आदम अलेहसलाम ने शी अलेहसलाम को सारा इल्म शिखाया अल्लाह ने 104 सहीफ़ (लिखित कानून शरिया) ) उतारे उसमें से 50 शीश अहसलाम को दिए...।
जब एडम अलेहसलाम 960 साल के हो गए तो बांचो से कहा मुझे जन्नत के फल खाने की ख्वाहिश हो रही है सारे बच्चे इधर उधर फेल गए….फाल ढूंढने के लिए रास्ते में उनको मौत के फरिश्ते मिले जो इंसानी शकल में उन लोगों को वापस बुलाऊं जाओ उनकी मौत का वक्त करीब है।
दुनिया में पहला इंसान कौन था
आदम अलेहसलाम ने अपने 40 साल दौड़ अलेहसलाम को दे दिए थे। वरना उनकी उम्र 1000 थी।
फरिश्तों ने रूह क़ब्ज़ की गुसल दीया ख़ुशबू लगाई और दफ़नया...।
उनकी मौत के साल बाद ही हुव्वा अलेहसलाम का भी इंतजार हो गया।
दुनिया में पहला इंसान कौन था
क़ुरआन के अनुसार आदम व हव्वा सबसे पहले आये।
संदर्भ। …
(कुरान..
.सूरह बकराह।आयत .30-39
सूरह आराफ ..आयत..11-25 27, 172,173,174.
सूरह मैदा आयत 27-31
सूरा हिज्र 31-32
सूरह बनी इस्राईल आयत 62
सूरा ताहा ..आयत। .115-127
सूरह साद 71-85
सूरह साफत आयत 82 सूरह अहजाब आयत 7
अंबिया 37.
बुखारी ... मुस्लिम
दुनिया में सबसे पहले कौन आया है
धरती पर सबसे पहले कौन आया
कुरान के अनुसार धरती पर आदम अलैहिस्सलाम आदम और हव्वा आए हैं
बाइबल के अनुसार आदम अलैहिस्सलाम और मा हव्वा इस दुनिया में तशरीफ ले आए हैं।
وَعَلَّمَ ءَادَمَ ٱلْأَسْمَآءَ كُلَّهَا ثُمَّ عَرَضَهُمْ عَلَى ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ فَقَالَ أَنۢبِـُٔونِى بِأَسْمَآءِ هَـٰٓؤُلَآءِ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ
दुनिया में सुंदर धर्म कौन है
इस्लाम एक खूबसूरत धर्म है , जो समानता, शांति और करुणा की बात करता है , इस धर्म मै समनता है और भाई चरा है इस धर्म है,

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