हज़रत आदम अलैहिस्सलाम | Hazrat Adam Alaihis Salam in Hindi 2025


बिस्मिल्लाह हिर रहमानी रहीम

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम



Hazrat Adam




 हज़रत आदम अलैहिस्सलाम सबसे पहले इंसान हैं जिनको अल्लाह तआला ने दुनियां में भेजा, और सबसे पहले नबी आप हैं, आप ही की औलाद सारी दुनिया में फैली,

पूरी दुनिया में सबसे पहले कौन आया था



 आपका ज़िक्र क़ुरआन पाक में उन्नीस बार आया है जब अल्लाह तआला ने दुनिया को आबाद करने का इरादा किया तो उसने फ़रिश्तों में कहा मैं दुनिया में अपना एक नाइब, ख़लीफ़ा बनाना चाहता हूं, फरिश्तों ने कहा, ऐ अल्लाह तू दुनिया में ऐसे शख़्स को नाइब बनाना चाहता है जो ख़राबिया करके और ख़ून करता फिरे, हम तेरी तारीफ़ करने के साथ तेरी तम्बीह और पाकी बयान करते रहते हैं । अल्लाह तआला ने फ़रमाया मैं वह बातें जानता हूं जो तुम नहीं जानते, अल्लाह तआला ने हजरत आदम अलैहिस्सलाम को सब चीज़ों के नाम सिखा दिए, फिर उनको फ़रिश्तों के सामने किया, और फ़रमायाः अगर तुम सच्चे हो तो मुझे इनके नाम बताओ उन्होंने कहा कि तू पाक है जितना इल्म तूने हम को बख़्शा है इसके सिवा हम को कुछ नहीं मालूम, फिर अल्लाह तआला ने फ़रिश्तों को हुक्म दिया कि तुम आदम अलैहिस्सलाम को सज्दा करो, तो वह सब सज्दे में गिर पड़े, मगर शैतान ने सज्दा नहीं किया इसका ज़िक्र पहले भी आया है, अल्लाह तआला ने हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से कहा कि तुम और तुम्हारी बीवी जन्नत में रहो, और जहां से चाहो खाओ पियो, मगर एक ख़ास दरख़्त के मुतअल्लिक हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को मना कर दिया कि उसके करीब भी न जाना वर्ना

कुरान और हदीस की रोशनी में



जब कुछ भी नहीं था तब सिर्फ और सिर्फ अल्लाह था.फिर अल्लाह ने पानी को बनाया...पानी के ऑपेर अपना अर्श बनाया जहां अल्लाह की कुर्सी है...जहां अल्लाह तआला मौजूद है.

हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की पैदाइश


उसके बाद अल्लाह बी कलाम (पेन) को बनाया और कहा लिखो...कलम ने पूछा क्या लिखूं...अल्लाह ताला ने कहा कयामत तक जो कुछ भी होने वाला है सब कुछ लिख दो तो अल्लाह के हुकुम से कलम ने हर चीज लिख दी। फिर अल्लाह ने लोहे महफूज बनाया जो अल्लाह का एक तरह का ऑफिस है जहां हर चीज कलम से लिखी हुई मौजूद है। कयामत तक क्या होगा कितने लोग कब पैदा होंगे क्या करेंगे... दुनिया का एक हाल हर चीज लिखी हुई है अल्लाह के इल्म में है...
उसके बाद अल्लाह ने 50,000 साल बाद आसमान और जमीन को बनाया।

उसके बाद फरिश्तों को बनाया जिनून को बनाया।

उसके बाद 6 दिनों में पोरी दुनिया बनाएं... ये 6 दिन हमारे दिनों की तरह नहीं ये अल्लाह के दिन

1..शनिवार को मिट्टी बनाएं

2…रविवार को पहाड़

3..सोमवार को पेड़

4…मंगलवार को तकलीफ..बिमरिया…मुसीबते।

5…..बुधवार को नूर यानी रोशनी।

6…थर्सडे को जनवरी को जमीन में पैलैया।

7…शुक्रवार। …को असीर से मग़रिब के बीच आदम अलेहसलाम को अदा किया।

बुखारी।

अल्लाह ने फरिश्तों को नूर से..जिन्नो को आग से और इंसानों को मिट्टी से अदा किया।

आदम अलेहसलाम को बनाने से 2000 साल पहले दुनिया में अल्लाह तआला जिन्नो को भेज चुके मगर उनको वहां बहुत फसाद किया…..क दूसरे का खून बहाया तो अल्लाह तआला ने फरिश्तून को भेजा जिन्नोन को जमीन से दूर कर दिया टू जिन आइलैंड्स पर दूर सुनसान इलाक़ून पर चले गए. जिन्नो में ही अक अज़्ज़िल भी था जो अल्लाह ताला का बहुत इबादत गुज़रा था..तो फ़रिश्ते यूज़ अपने साथ ले आए जो बाद में अपने तकब्बुर और नफरमानी की वजाह से इब्लीस कहलाया यानि सख़्त मयूस क्यों की वो हमेशा हमेशा के लिए अल्लाह की रहमत से मयूस है।

अब अल्लाह ने इंसान को बनाने के बारे में सोचा... तो फरिश्तों को कहा कि मैं जमीन में मैं खलीफा बनाने वाला हूं खलीफा यानि वो जिन्की एक पीढ़ी के बाद पीढ़ी आई।

अल्लाह ने जिन्नो और इंसानों को सिर्फ अपनी अपनी इबादत के लिए अदा किया था।


कि वो दुनिया में जकार अल्लाह का टेस्ट दीन इबादत करें।

फरिश्ते जिन्नो का हाल देख चुके उन्हें अल्लाह से कहा कि आप क्यों बनाना चाहते हैं इंसान को जब हम तो मौजूद है जो दिन रात आपकी हमद और तस्बीह करते हैं...ये इंसान भी जमीन में जाकर फसाद करेंगे एक दूसरे का खून बहाएंगे।
अल्लाह ताला ने जवाब दिया जो मैं जनता हूं वो तुम नहीं जानते। यानि अल्लाह तआला उन्हें क्यों बना रहे हैं ये अल्लाह को पता था।

अल्लाह ताला ने ज़मीन से मिट्टी मांगवये तो पोरी दुनिया से फरिश्ते थोड़ी थोड़ी मिट्टी लाए...थोड़ी कली थोड़ी लाल थोड़ी मिट्टी लाये...इसमें इंसान की शकल हर तरह की है...

सुखी मिट्टी को तुराब कहा जाता है..इस्तेमाल किया गया तो तीन बन गए...फिर उसमे से उठाना शुरू हो गया ऐसी मिट्टी को सालसाल कहा जाता है...

अब अल्लाह ताला ने अपने हाथ से आदम अलेहसलाम का स्टैच्यू बनाया और 40 दिनो के लिए किसी रिश्ते में 40 साल आता है अल्लाहु आलम….वो मिट्टी सूखी तो ब्लैक हो गए उससे बदबू आने लगी ऐसी मिट्टी को मसनून कहा जाता है...फिर वो बजने वाली मिट्टी की तरह हो गए जिसको ठोकने से आवाज आती है ऐसी मिट्टी को फखार कहा जाता है।

कुरान में जब जब इंसान के क्रिएशन का जिक्र आता है तो अल्लाह तआला कहते हैं हमने तुम्हें मिट्टी से बनाया तो अलग अलग मिट्टी के नाम आते हैं..की ऐसी मिट्टी से बनाया ..देखो तुम क्या चीज द।

जब आदम अलेहसलाम को बनाया तो वो 60 फीट लंबा जब उनका स्टैच्यू बना कर अल्लाह ताला ने छोड़ा दिया तो इबलीस आस पास चक्कर लगता उनके ठोकर मारता और सोचता है कि इनमें जरूर किसी खास मकसद के लिए बनाया जा रहा है। .
कहता अगर मुझे इसपर मुसल्लत कर दिया गया तो यकीनन मैं इसे मुसिबत में दाल डोंगा.और अगर इसको मुझपर मुसल्लत कर दिया गया तो मैं इसकी नररमानी करूंगा।

फरिश्तून ने सोचा ये जो भी मखलूक अल्लाह ताला बना रहे हैं ये इल्म मैं हम से ज्यादा नहीं हो सकती ना ही हमसे ज्यादा इज्जत वाली...


अब अल्लाह ने और ताकतें देते हुए कहा...तु जा इनको अगर अपनी आवाज के जरिये बेहका सकता है तो बहका ले…..म्यूजिक...इनपर अपने सवार प्यार चड्ढा ला यानी हर तरह की फौज ले आ घुसावर अदाल...आर्मी ले आ अपना हर डेव इस्तेमाल कर ले ..इनके मालून... वेल्थ और औलाद में शिरकत कर ले। ज़िंदा ना होने के वादे दे.. तेरे सारे वादे फरीब होंगे.उसकी शक्तियां देकर इस्तेमाल निकल दें….उसके और इतने शक्तियां कि फुसफुसाकर कर सकता था..इस्तेमाल आदम अलहसलाम पर बहुत गुस्सा आया कि इनकी वजह से ये सब हुआ तो मैं अब इनको भी जन्नत मैं नहीं रहने दूंगा उन्हें जलाऊंगा... क्योंकि अभी उनकी औलाद तो थी नहीं वोही द...


उधेर आदम अलहसलाम को अल्लाह ताला ने बेहतरी जन्नत का छुटकारा पाया था...जहाँ चाहे घूमते जो चाहते खाते...लेकिन वो खुद को अकेले महसूस कर रहे थे...एक दिन वो सो रहे थे तो अल्लाह तआला ने उनकी बाँयी पस्ली यानि रिब से हुव्वा अलेहसलाम को अदा किया जो कि बहुत ज्यादा खूबसूरत पतली.जब सो कर उठे तो उन्हें देखा तो पूछा तुम कोन हो उनको कहा कि अल्लाह ने मुझे तुम्हारे लिए अदा किया है ताकि तुम मुझसे सुकून हासिल कर सके...

वो दोनो खुशी से जन्नत में रह रहे थे.. अल्लाह ताला ने कहा जहां जाना है जाओ जो खाना है खाओ …….बस एक दरख्त /पेड़ का फल खाने के लिए मन किया कि अगर खा लोग तो ज़ालिमून में से हो जाओगे ………..इब्लीस तुम और तुम्हारी बीवी का दुश्मन है कहीं ऐसा ना हो कि वो तुम्हें जन्नत से निकलवा दे। ..और तुम मुसिबत मैं पढ़ूं..

इब्लीस को चीन नहीं था उसके दिलों में वसवास डालना शुरू कर दिया....की उस पेड़ के फल खा लो जिसके लिए अल्लाह ने उन्हें मना किया था कहा कि तुम खा लोगे तो हमेशा हमेशा के लिए जन्नत में राह पाओगे फरिश्तून की तरह...


धरती पर सबसे पहले कौन आया 

एक दिन दोनो उसके वाससे में आ गए और वो फल तोड़ कर खा लिया..

जैसे ही उन्हें फल खाया तो सबसे पहले उनके कपड़ उतर गए वो दोनो श्रम से इधर-उधर भगने लगे जन्नत के पेड़ के पत्ते खुद पर चिपकने लगे। …उन्हे एहसास हो गया था कि हमसे अल्लाह की न- फरमानी हुई है..

अब अल्लाह तआला ने आवाज़ दी……क्या मैंने तुम्हें मना नहीं किया था क्या नहीं बताया था कि शैतान तुम्हारा खुला दुश्मन है….. ….

आदम अलेहसलाम बहुत ज्यादा शर्मिंदा हुए….

अब अल्लाह ने उन्हें जन्नत से उतर जाने का हुकुम दिया और कहा तुम एक दूसरे के दुश्मन होंगे...इंसान और शैतान। ..तुम्हे एक वक़्त तक दुनिया में रहना होगा और फ़ायदे उठाने होंगे। ..वहीं जिंदगी बसर वही मरोगे और वहीं से उठाएंगे… जब तुम को मेरी हिदायत पाहुंचे तो जो उसे मनेगा हमें कयामत के दिन ना कोई गम होगा ना कोई डर होगा जहन्नम का।

लेकिन जो नहीं मनेगा हिदायत को झुटलेगा वो सब आग में जाएंगे और उसी में रहेंगे। ..

कहा जाता है कि आदम अलहसलाम को हिंद मैं और हुव्वा अलहसलाम को जेद्दा मैं उतारा अल्लाहु आलम इसकी अलग अलग रिवायत मिलती है.. वो बहुत शर्मिंदा अपनी गलती पर तौबा की तो अल्लाह ने उन्हें कुछ कलमात सिखाए उसे उसे जब पढ़ा तो अल्लाह ने उन्हें मौफ किया और अराफात के मैदान में वो मिले ये रिवाज भी यकीन नहीं अल्लाहु आलम …… फिर दुनिया शुरू हुई …

वो कलामत द…।

रब्बाना ज़लमना अनफुसाना ……………




हुव्वा आलेहसलाम ने 20 विलादत मैं 40 बांचो को पैदा किया उन्हीं से दुनिया आगे बढ़ी..हर बार जुडवा बांचे पैदा होते थे एक लड़का और लड़की...जो एक साथ पाया होता उनकी शादी नहीं हो सकती थी जो अलग अलग पैदा होती उनकी शादी हो सकती थी…



आदम अलेहसलाम ने अपनी औलाद को वो सब सिखाया जो अल्लाह ने उन्हें सिखाया था..
सब एक अल्लाह की इबादत करते थे...खैती करते और जनवरून को पलटते। .


इसी पर अल्लाह ने कुरान में कहा..

ए लोगन अपने रब से डरो जिसने तुमको एक ही जान से पैदा किया …..

आदम अलेहसलाम के बेटों में से दो बेटे द कबील और हबील…।



कबील के साथ जो बेटी हुई थी वो बहुत खूबसूरत थी लेकिन हबील के साथ जो अदा हुई थी वो खूबसूरत नहीं थी....कबील ने आदम अलहसलाम से कहा कि वो अपनी जुड़वा बहन से शादी करेगा आदम अलेहसलाम ने मना कर दिया क्योंकी अल्लाह ने इसकी इज्जत नहीं दी थी...कबील अपने नेचर में भी बहुत ताकत था...वो खती करता था उधेर हबील बहोत नरम द वो बकरीयां संभलते द...



आदम अलेहसलाम ने कहा तुम दोनो अपनी क़ुर्बानी अल्लाह के सामने पेश करो जिस क़ुर्बानी अल्लाह ताला क़ुबूल कर लेंगे वो सही होगा.उस ज़माने में जब अल्लाह के लिए क़ुर्बानी पेश की जाति तो एक आग आती है जिस क़ुर्बानी वो आग खा लेती उसकी क़ुर्बानी क़ुबूल हो जाति थी..हबील ने सबसे अच्छा जानवर कुर्बानी के लिए और कबील ने सबसे खराब फसल का हिस्सा…आग आए और हबील की कुर्बानी को खा लिया…,,,,

इस पर कबील बहुत गुस्सा हुआ और दिन मोका देख कर उससे कहा की मैं तुम्हें खतम कर दोंगा..इस पर हबील ने कहा मैं तुम पर हाथ नहीं उठाऊंगा...इस पर कबील ने हबील के सर पर बड़ा सा पथ्थर मारा और वो मर गया....अब कबील को समझ नहीं आया कि हबील की लाश का क्या करे क्यों कि अभी तक कोई मारा नहीं था। ..अल्लाह ताला ने दो कुवे कौवे को भेजा अनहोन भी ऐसी ही लड़ाई की और एक ने दोसरे को मार डाला।

आदम अलेहसलाम को जब हबील के क़ातल के नंगे मैं पता चला तो बहुत तकलीफ़ हुई अल्लाह ताला ने शीश अलेहसलाम को उनके बाद नबी बनाया जो उनके ही बेटे आदम अलेहसलाम ने शी अलेहसलाम को सारा इल्म शिखाया अल्लाह ने 104 सहीफ़ (लिखित कानून शरिया) ) उतारे उसमें से 50 शीश अहसलाम को दिए...।

जब एडम अलेहसलाम 960 साल के हो गए तो बांचो से कहा मुझे जन्नत के फल खाने की ख्वाहिश हो रही है सारे बच्चे इधर उधर फेल गए….फाल ढूंढने के लिए रास्ते में उनको मौत के फरिश्ते मिले जो इंसानी शकल में उन लोगों को वापस बुलाऊं जाओ उनकी मौत का वक्त करीब है।

दुनिया में पहला इंसान कौन था


आदम अलेहसलाम ने अपने 40 साल दौड़ अलेहसलाम को दे दिए थे। वरना उनकी उम्र 1000 थी।

फरिश्तों ने रूह क़ब्ज़ की गुसल दीया ख़ुशबू लगाई और दफ़नया...।

उनकी मौत के साल बाद ही हुव्वा अलेहसलाम का भी इंतजार हो गया।


दुनिया में पहला इंसान कौन था

 


क़ुरआन के अनुसार आदम व हव्वा सबसे पहले आये।



संदर्भ। …

(कुरान..

.सूरह बकराह।आयत .30-39

सूरह आराफ ..आयत..11-25 27, 172,173,174.

सूरह मैदा आयत 27-31

सूरा हिज्र 31-32

सूरह बनी इस्राईल आयत 62

सूरा ताहा ..आयत। .115-127
सूरह साद 71-85
सूरह साफत आयत 82 सूरह अहजाब आयत 7
अंबिया 37.
बुखारी ... मुस्लिम

दुनिया में सबसे पहले कौन आया है 

 धरती पर सबसे पहले कौन आया 

 कुरान के अनुसार धरती पर आदम अलैहिस्सलाम आदम और हव्वा आए हैं  

बाइबल के अनुसार आदम अलैहिस्सलाम और मा हव्वा    इस दुनिया में तशरीफ ले आए हैं।  

 


وَعَلَّمَ ءَادَمَ ٱلْأَسْمَآءَ كُلَّهَا ثُمَّ عَرَضَهُمْ عَلَى ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ فَقَالَ أَنۢبِـُٔونِى بِأَسْمَآءِ هَـٰٓؤُلَآءِ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ



दुनिया में सुंदर धर्म कौन है

इस्लाम एक खूबसूरत धर्म है , जो समानता, शांति और करुणा की बात करता है ,  इस धर्म मै समनता है और भाई चरा है इस धर्म है, 

Post a Comment

0 Comments