Durood Sharif Or Uski Fazilat
Durood Sharif Or Fazilat
As salamualaikum everyone All Friends ❤️
दोस्तो आपको दुरूद शरीफ पढने से अल्लाह तआला लाखो करोडो फरिस्ते पैदा करता है। और क्या वो फरिस्ते कयामत तक हमारे मगफिरत के लिए दुआ करते है?
दुरुद शरीफ के लिए , अल्लाह तआला का इर्शाद हे कि
इन्नल लाहा मलाय कतऊ युसैलुना अलन्नबी या अय्यो हल लजीना आ मनु सल्लू अलैहि व सल्लिमों तस्लीमा
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तर्जुमा- बेशक अल्लाह और उसके फ़रिश्ते दुरुद भेजते है उस गैब
बताने वाले [नबी] पर ! ए ईमान वालो उन पर दुरुद और खूब सलाम भेजो
आका फरमाते है, कि अर्श के निचे एक फरिस्ता है। जिसका सर अर्श से लगा हुआ है और जिसके पैर तहतुस्सरा में है। जिसका एक बाजु मशरिफ कि तरफ है और दुसरा बाजु मगरिफ कि तरफ है।,
Durood Sharif की फज़िलत
जब कोई बंदा-ए-मोमिन आका पर मोहब्बत के साथ दुरुद (Durood Sharif) पढता है। तो अल्लाह उस फरिस्तो को हुक्म देता है कि वो नूर के दरिया मे गोता लगाये। तो फरिस्ता नूर के दरिया मे गोता लगाता है और बाहर आने के बाद अपने परो को झाडने लगता है।
हमारे नबी पाक सलल्लाहु अलैही वसल्लम फरमते है। उसके परो से जितने नूर के कतरे गिरते है हर कतरे से अल्लाह फरिस्तो को पैदा फरमाता है। और जितने हजारो ,लाखो- करोडो फरिस्ते पैदा होते है, वो सब के सब कयामत तक के लिए उसका नाम लेकर मगफिरत कि दुआ करते हे। जिसके दुरुद पढने से वो फरिस्ते पैदा हुए है।
सहाबा का अकिदा Durood Sharif को लेकर
एक मर्तबा का वाकिया है। ,हजरते उबैय इब्ने काब रदिअल्लाहु तआला अन्हु हुजुर सलल्लाहु अलैही वसल्लम कि बारगाह मे हाजिर हुए। और कहा या रसुलल्लाह मे चाहता हुँ कि में मेरे 24 घंटो के चार हिस्से करु और एक हिस्सा मे दुरुद शरिफ (Durood Sharif) पढता रहु। आका कैसा रहेगा?
आप ने फरमाते हे, बहुत अच्छा है। अगर इसमे ज्यादती करो तो और बेहतर है।
अर्ज किया या रसुलल्लाह 24 घंटो के आधे हिस्से मे अब में आप पर Durood O Salam ही पढता रहुंगा।
आका फरमाते है बेहतर है। लेकिन इसमे और इजाफा करो तो अच्छा है।
अर्ज किया या रसुलल्लाह पौना हिस्सा Durood O Salam।
आका फरमाते है बेहतर है। लेकिन और ज्यादा करो तो अच्छा।
अर्ज किया या रसुलल्लाह फर्ज नमाजो के बाद रात और दिन मे सिर्फ आप पर Durood O Salam पढुंगा।
आका फरमाते है, कि अगर तुने ऐसा कर लिया तो अल्लाह तुझे दुनिया के गमो से भी आजाद कर देगा। और आखिरत के गमो से भी आजाद कर देगा।
इसीलिए प्यारे दोस्तो दुरुद शरिफ (Durood Sharif) पढने कि आदत डालो। और जब भी आका-ए-करीम सलल्लाहु अलेही वसल्लम का नाम आये तो बुलन्द आवाज से सलल्लाहु अलेही वसल्लम कह लेना चाहिए। क्योंकी आका फरमाते है कि सबसे बडा बखिल वो है। जिसके सामने मेरा नाम लिया जाए और वो दुरुद ना पढे।
Dua Or Durood Sharif
दुरुद शरिफ की बडी बरकते है। नबी-ए-करीम सलल्लाहु अलैही वसल्लम फरमाते है, कि अगर बंदा दुआ करे और दुरुद Durood Sharif ना पढे। तो उसकी दुआ जमीन और आसमान के दरमियान लटकती रहती है। और अगर कोई दुरूद पढ ले और दुरुद पढने के बाद दुआ करे। तो अल्लाह उसकी दुआ को जरुर कुबूल फरमाता है।
हजरत-ए-सयैदना कुतबुद्दिन बख्तियारे काकि रहमुल्लाह अलेह उस वक्त तक आराम नही फरमाते थे। जब तक कि 3000 मर्तबा दुरुद नही पढ लेते थे।
हुजुर फरमाते है। जो दुनिया मे जितना ज्यादा मुझ पर दुरुद पढेगा वो कयामत के दिन उतना ज्यादा मेरे करीब होगा।
आका फरमाते है जो मुझ पर एक मर्तबा दुरूद पढता है। अल्लाह उसको 10 नेकिया अता करता है। 10 गुनाह को मिटा देता है। और 10 दरजात को बुलन्द फरमा देता है।
दोस्तो क्या आप ५ मिनट नहीं निकाल सकते हो जो आप दुरुद पढ़े सके
दोस्तो दुनिया एक आजमाइश की जगह है
और जो हम दुनिया कमने मै लगे हे जो हमे धोका दे रही हैं और हमारी अखरत। खराब कर रही है।
आप सभी से दर्खुआस है के आप नैक काम करो। और
५ वाकत की नमाज़ अदा करते रहा। करो।
अल्लाह ने। हम को सही अमल करने की। तोफिक अता फरमाए
आमीन सुमा आमीन
प्यारे नबी के प्यारे दिवानो दुरुद (Durood Sharif) पढने की आदत डालो। और कम से कम 500 मर्तबा प्यारे आका पर दुरूद पढा करो। आज हम जानते है कि मशरुफियत का दोर है इसिलिए आप क़ाउन्टिग तश्बिह ले सकते है। और जब भी आपको समय मिले। दुरूद पढा करो। अगर हम पढे “सलल्लाहु अलैही वसल्लम” 500 मर्तबा तो लगभग 15 मिनट में आप ये दुरूद पढ सकते हो। आपके पास मे अगर ज्यादा समय बचे तो आप और ज्यादा पढो। किसी दिन आपके पास समय ना हो तो 300 मर्तबा पढो।
Durood E Ibrahim
اللهم صل على محمد وعلى ال محمد كما صليت على ابراهيم وعلى ال ابراهيم
انك حميد مجيد
اللهم بارك على محمد وعلى ال محمد كما صليت على ابراهيم وعلى ال ابراهيم
انك حميد مجيد
हम दावा करते है, ,आशिक-ए-रसूल का क्या हम 1440 मिनट (मतलब एक दिन) मे से 15 मिनट मेरे और आपके आका को नही दे सकते? जिन्होने हम जेसे गुनहगारो के लिए दिन और रात रो-रो कर मगफिरत कि दुआ कि। जो हम मोमिनो कि जान हे। । जो इस कायनात कि जान है। जो मोमिनो का इमान है, जो इमान का इमान है। जो सारे सरदारो का सरदार है। जो बादशाहो का बादशाह है। आज से और अभी से अपने आप से वादा कर लो दोस्तो कि हम Durood O Salam जरूर पढेंगे। अगर हम इस पर अम्ल करेंगे तो इंस्याअल्लाह अल्लाह हमारी दुनिया भी सवाँर देगा और आखिरत भी।
अल्लाह तआला हमे सुनने से ज्यादा अम्ल करने की तोफिक अता फरमाए।
आमीन❤️❤️❤️

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