हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम का वाक्या _Hazrat Shoaib story in Hindi 2024

  

हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम का वाकिया हिन्दी

हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम का  जिक्र भी क़ुरआन शरीफ़ में बार-बार आया है, ताकि

हज़रत शुऐब अलैहि सलाम की कौम

लोग आपकी सच्ची बातों से सबक सीखते रहें। दोस्तो और अज़ीज़ साथियों और पुराने ज़माने में मदयन नामी एक बड़ा पुर रौनक शहर था, वहां के लोग खूब मालदार थे, तिजारत और सौदागरी उनका पेशा था मगर वह लोग बुतों की पूजा करते थे, सौदा बेचते वक्त कम तौला करते थे और इसी तरह कम नापा करते थे, अल्लाह तआला ने हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम को उनके पास नबी बना कर भेजा, हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम ने बड़ी नर्मी, आजिज़ी और प्यार से उन लोगों से कहना शुरू किया, ऐ लोगो तुम सिर्फ एक अल्लाह की इबादत किया करो, नाप तौल पूरी दिया करो, लोगों को उनकी चीजें कम तौल कर न दिया करो, ज़मीन में फ़साद न फैलाया करो, और तुम सड़कों पर इस गरज से मत बैठो कि अल्लाह तआला पर ईमान लाने वालों को धमकियां दो और अल्लाह की राह से रोको, और इसमें क़जी की तलाश में लगे रहो तुम कितने थोड़े थे, अल्लाह ने तुम पर मेहरबानी की, तुम को औलाद दी, और तुम बहुत हो गए, देखो फसाद का नतीजा हमेशा बुरा होता है, अगर तुम मुझे झूठा ख़्याल करते हो और दूसरे लोगों को मेरे सच्चे होने का पूरा-पूरा यकीन है तो सब करो, यहां तक कि अल्लाह हमारे और तुम्हारे दरमियान फैसला कर दे !
Hazrat Shoaib Ali Salam ka Kissa
कौम के दौलतमन्द रईस लोग इस बार-बार की नसीहत को बर्दाश्त न कर सके और उन्होंने कहा यह किस तर हो सकता है कि "हम उनको छोड़ दें जिन्हें हमारे बाप-दादा पूजा करते थे, माल हमारा अपना है और इसको हम जिस तरह चाहते हैं खर्च न करें, और वह भी सिर्फ आपके कहने पर और आप ऐसे सच्चे नेक कहां से बन गए, क्या आप की नमाज़ ऐसी ही बातों का हुक्म देती है, आप झूठे हैं, आप पर किसी ने जादू कर दिया है अगर सच्चे हो तो आसमान
 
बुतपरस्ती और मुशरिकाना रस्म 
 
से हम पर पत्थर बरसाओ, और उनकी कौम के लोगों ने कहा कि ऐ शुऐब इस बात का यकीन कर लो कि हम तुम्हें भी इस बस्ती से निकाल देंगे, और इन लोगों को भी जो तुम पर ईमान लाए हैं, वर्ना हमारे दीन में वापस आ जाओ, तुम बहुत कमजोर आदमी हो अगर तुम्हारी बिरादरी के लोग न होते तो हम तुम्हें कबके पत्थरों से मार-मार कर ख़त्म कर चुके होते, और वैसे तुम्हारा हम पर कोई दबाव भी नहीं, हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम के लोग अपनी दौलत और रुपये पैसे के गुरूर में बार-बार अपने सच्चे नबी हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम से इसी किस्म की बातें करते रहते।
 
हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं अल्लाह तआला ने मुझे सीधा रास्ता बताया है और अपनी मेहरबानी से मुझे हलाल रोजी बख़्शता है, अब यह किस तरह हो सकता है कि जिस काम से मैं तुमको रोकता हूँ उसे खुद करने लग जाऊं मैं तो सिर्फ तुम लोगों को दुरुस्त करना चाहता हूं, और सिर्फ अल्लाह पर भरोसा रखता हूँ, तुम लोग मेरी ज़िद में आकर ऐसा गुनाह न कर बैठना कि तुम पर अज़ाब उतर आए जैसा कि तुम से पहले लोगों पर आ चुका हैं बल्कि तुम अपने गुनाहों की मुआफी मांगो और आगे के लिए उसी के हुजूर में तौबा करो।
 
तुमने अल्लाह को बिल्कुल भुला दिया है, क्या तुम मेरी बिरादरी से ज़ियादा डरते हो, और अल्लाह का ख़ौफ़ तुम्हारे दिलों से उठ गया है, मैंने अपना फर्ज अदा कर दिया, नहीं अगर तुम जानते तो चंद रोज़ के बाद तुम्हें मालूम हो जाएगा कि झूठा कौन है, और किस पर अल्लाह का अजाब उतरता है, आख़िर अल्लाह का अज़ाब आ गया, शुऐब अलैहिस्सलाम और ईमान वाले तो बच गए और जो लोग अल्लाह की नाफरमानी करते थे वह अपने घरों
 
में बैठे के बैठे रह गए और ऐसे बरबाद हुए कि गोथा इन मकानों में कभी बसे ही न थे ।
दोस्तो और अज़ीज़ साथियों अल्लाह तआला के सिवा दूसरे की इबादत करना, अल्लाह तआला को भूल जाना और गैरों को याद करना, रसूले पाक सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की बातें न मानना, दिल की ख्वाहिशात को पूरा करना, कम तौलना, कम नापना, अम्न व अमान के बाद ज़मीन पर फसाद मचाना, रुपया का गुरूर, दौलत का घमंड करना, अल्लाह को बेहद नापसंद है, जो लोग ऐसा करते हैं और तौबा नहीं करते सहीह राह इख़्तियार नहीं करते आखिरकार एक दिन जरूर सजा पाएंगे और नुक्सान उठाएंगे।
 
दोस्तों और अज़ीज़ साथियों ! आओ हम सब मिलकर अहद करें कि अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करेंगे और कभी न कम नौलेंगे न कम नायेंगे, गुरूर न करेंगे, और किसी का माल बेईमानी से न खाएंगे, और अगर हम ने ऐसा किया तो हमारा हश्र भी हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम जैसा हो जाएगा,
 
या अल्लाह हम सबको  गुनाहों से बचाए और बुरी बातों से बचाए  और हम सब को नेक अमल करने की तौफीक अता फरमाए  या हमारी दुआ क़बूल फरमाए और जब तक हम जिंदा रहे ईमान पर क़ायम रहे या अल्लाह  हम सबको हिदायत अता फरमाए आमीन या रब्बल आलामीन
 
 
 

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